हम गांधी जी के तीन बंदर। हाँ जी हम तीन बंदर ! हम गांधी जी के तीन बंदर। हाँ जी हम तीन बंदर !
पेड़-पौंधों की डालियाँ भी झूम-झूम करतीं अनुरित। पेड़-पौंधों की डालियाँ भी झूम-झूम करतीं अनुरित।
जीवन में सदा संभावनाएं हैं अनंत, धीरे-धीरे आ रहा है ऋतुराज बसंत। जीवन में सदा संभावनाएं हैं अनंत, धीरे-धीरे आ रहा है ऋतुराज बसंत।
पत्ता पत्ता लहक रहा है पीले पीले फूलों का रंग, चारों ओर फैल रहा है! पत्ता पत्ता लहक रहा है पीले पीले फूलों का रंग, चारों ओर फैल रहा है!
जब नन्हे - नन्हे पावों से चल, पास वो मेरे आते हैंं । हौले से कानो में मेरे। जब नन्हे - नन्हे पावों से चल, पास वो मेरे आते हैंं । हौले से कानो में मेरे...
संगीत बजता रहा, जीवन की हर लय पर, वक़्त की लय पर जीवन थिरकता रहे संगीत बजता रहा, जीवन की हर लय पर, वक़्त की लय पर जीवन थिरकता रहे